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पूर्वी अफ्रीका के ब्रेड बास्केट इथियोपियन भोजन का परिचय

इथियोपियन भोजन दुनिया के सर्वश्रेष्ठ छिपाये गए रहस्यों में से एक है। यह सब्जी और दाल स्ट्यू और धीमे-उबलने वाले मीट का एक मसालेदार मिश्रण होता है। इथियोपिया को “ब्रेड और शहद की धरती” कहते हैं और यहाँ के लोगों और भाषाओं के विभिन्न सांस्कृतिक मिश्रण से व्यंजनों की एक व्यापक और बढ़िया श्रृंखला मिलती है। इथियोपियन पाकशैली የኢትዮጵያ ምግብ में विशेष रूप से सब्जी और मसालेदार मीट के व्यंजन शामिल होते हैं। आमतौर पर, इन्जेरा के ऊपर वॉट (w’et या wot), डालकर परोसा जाता है, जो एक गाढ़ा करी होता है और इन्जेरा एक बड़ा खमीर वाला परांठा होता है जिसे किण्वित टेफ के आटे से बनाया जाता है।

इथियोपियन लोग एन्ट्रीज़ और साइड डिश खाने के लिए इन्जेरा के टुकड़ों का प्रयोग करके केवल अपने दायें हाथों से खाते हैं।

इथियोपियन रूढ़िवादी चर्च बुधवार, शुक्रवार और पूरे रोज़े के महीने सहित कई व्रत (tsom, Ge’ez: ጾም ṣōm) की अवधियां निर्धारित करता है, इसलिए इथियोपियन व्यंजन में ऐसे कई भोजन शामिल किये जाते हैं, जो शुद्ध शाकाहारी हैं।

पारंपरिक भोजन में इन्जेरा के साथ मसालेदार करी शामिल होती है, जिसमें आमतौर पर बीफ, भेड़ का मांस, सब्जियां और विभिन्न प्रकार की फलियां जैसे दाल डाले जाते हैं।

गुरागे व्यंजन में इथियोपियन केले के पौधे (enset, Ge’ez: እንሰት inset) का भी प्रयोग किया जाता है, जो एक प्रकार का एनसेटी (उष्णकटिबंधीय पौधे) है। इस पौधे को एक ब्रेड जैसा व्यंजन कोचों (Ge’ez: ቆጮ ḳōč̣ō) बनाने के लिए पीसा और किण्वित किया जाता है, जिसे कित्फ़ो के साथ खाया जाता है। इस पौधे की जड़ को पाउडर बनाकर एक गर्म पेय तैयार किया जा सकता है, जिसे बुला (Ge’ez: ቡላ būlā) कहते हैं, जो अक्सर उन लोगों को दिया जाता है जो थके हुए या बीमार होते हैं। कॉफ़ी के साथ मक्खन (कब्बेह) गुरागे का एक अन्य तैयार किया जाने वाला पारंपरिक मिश्रण है। कीता हर्ब ब्रेड भी बेक किया जाता है।

कॉफ़ी इथियोपियन संस्कृति और व्यंजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रत्येक बार, भोजन के साथ कॉफ़ी दिया जाता है। मुख्य सामग्री के नाम को जोड़कर वॉट के हर रूपांतरण का नाम रखा जाता है (जैसे: kek alicha wat)। हालाँकि, आमतौर पर keiy शब्द जरुरी नहीं होता है, क्योंकि इसे निकालने पर इसे मसालेदार किस्म मान लिया जाता है (जैसे: doro wat)। कभी-कभी, atkilt wat वाक्य को सभी सब्जियों के व्यंजन को रेफर करने के लिए प्रयोग किया जाता है, लेकिन एक ज्यादा विशेष नाम का भी प्रयोग किया जा सकता है (जैसे: dinich’na caroht wat, जिसे “आलू और गाजर के दमपुख़्त” के रूप में अनुवादित किया जाता है; लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि ज्यादा विशिष्ट शब्द का प्रयोग करते समय सामान्यतः “atkilt” शब्द को निकाल दिया जाता है)।

“टिब्स” मांस के साथ सब्जियों को पकाकर टिब्स (साथ ही tebs, t’ibs, tibbs, आदि, Ge’ez: ጥብስ ṭibs) बनाया जाता है। टिब्स को कई प्रकार से परोसा जाता है, और यह गर्म से लेकर हल्के गर्म तक हो सकता है या इसमें थोड़ी या बिल्कुल भी सब्जी शामिल नहीं हो सकती है। प्रयोग किये जाने वाले मांस के टुकड़े के आकार या आकृति, प्रकार के आधार पर इस भोजन के कई रूप हो सकते हैं। 18वीं शताब्दी के मध्य में इथियोपिया में आये हुए यूरोपियन यात्री रेमेडियस प्रूटकि ने टिब्स को ग्रिल किये जाने वाले मांस के रूप में “किसी व्यक्ति को विशेष सम्मान या अभिवादन प्रदर्शित करने के लिए” परोसे जाने वाले भोजन के रूप में बताया है। यह शायद अभी भी सत्य है क्योंकि इस व्यंजन को आज भी विशेष कार्यक्रमों और छुट्टियों के मौकों पर तैयार किया जाता है।

फिट-फिट या फीर-फीर एक प्रचलित ब्रेकफास्ट डिश है। इसे इन्जेरा या कित्चा के टुकड़ों को मसालों या वॉट के साथ तल कर बनाया जाता है। फातिरा एक अन्य लोकप्रिय ब्रेकफास्ट डिश है। इस व्यंजन में अक्सर अंडे की एक परत के साथ, आटे से बना हुआ बड़ा फ्राइड पैनकेक शामिल होता है। इसे शहद के साथ खाया जाता है। चेचेब्सा (या कीता फीर-फीर) पैनकेक के समान होता है जिसे बेर्बेरे और नितर किब्बेह, या अन्य मसालों से ढंका जाता है, और इसे चम्मच से खाया जा सकता है।

गेनफो एक प्रकार का दलिया है, जो एक अन्य प्रचलित ब्रेकफास्ट डिश है। इसे आमतौर पर एक बड़े कटोरे में, गेनफो के बीच में गड्ढा बनाकर और मसालेदार नितर किब्बेह से भरकर परोसा जाता है। फुल का एक प्रकार, फवा बीन को मसालों के साथ पका कर इन्जेरा के बजाय बेक किये गए रोल्स के साथ परोसा जाता है और यह भी एक प्रचलित ब्रेकफास्ट है।

इन्जेरा

सबसे पहले हम आपको बताएँगे कि – इन्जेरा क्या है?

इन्जेरा एक प्रकार का परांठा होता है जिसे इथियोपिया और कई अन्य पूर्वी अफ्रीकी देशों में बनाया जाता है। यह परांठा इथियोपिया का प्रमुख भोजन है, जहाँ इसे लगभग हर एक व्यंजन के साथ परोसा जाता है।

वास्तविक इन्जेरा टेफ के आटे से बनाया जाता है, जो टेफ से उत्पादित होने वाला ग्लूटेनरहित आटा होता है लेकिन इसे इसके बिना भी बनाया जा सकता है, यह प्रदर्शित करने के लिए नीचे हमने कुछ रेसिपी दिए हैं।

इन्जेरा में एक अलग सा खट्टापन होता है और यह स्पंजी होता है जो इसे करी, स्ट्यू, और अन्य तरी वाले व्यंजनों के साथ खाने के लिए बिल्कुल उपयुक्त बनाता है।

इन्जेरा बनाना

सही इन्जेरा बनाने के लिए थोड़े कौशल और अभ्यास की जरुरत होती है। इससे निराश मत होइए क्योंकि एक बार इसे अच्छी तरह से बना लेने के बाद आप खुद से बेहद खुश हो जायेंगे। एक अन्य समस्या यह है कि इस काम को पूरा करने में कई दिनों का समय लगता है (नीचे देखिये) ।

इन्जेरा बनाने के लिए रसोइये पीसे हुए टेफ को कमरे के तापमान पर किण्वित करते हैं, यह दुनिया के अन्य हिस्सों में खमीरयुक्त आटा बनाने जैसा ही होता है।

किण्वन में प्राकृतिक खमीर एकत्रित होता है, जो परांठे के लिए कुछ फैलाव और उसमें एक पारंपरिक खट्टापन देता है। टेफ का अत्यधिक किण्वन होना संभव है, जिससे यह एक अल्कोहॉलिक आटे या केवल खट्टे, बेस्वाद आटे में बदल सकता है, जो खाने में अच्छा नहीं लगता है।

विभिन्न प्रकार के टेफ के आटे या आटे के मिश्रण के साथ अलग-अलग किस्म के परांठे बनाये जा सकते हैं। आटे के खमीरयुक्त होने के बाद इसमें हल्का नमक मिलाकर किसी कढ़ाही या एक बड़े पैन में तला जाता है। टेफ में कोई ग्लूटेन नहीं होने के कारण परांठा फूलेगा नहीं लेकिन यह थोड़ा मोटा और स्पंजी हो जायेगा।

इथियोपिया में, प्रायः इन्जेरा को व्यंजनों और पैन के साथ परोसा जाता है ताकि भोजन करने वाले लोग इसके टुकड़े तोड़कर आवश्यकतानुसार भोजन निकाल सकें। ऐसे क्षेत्रों में जहाँ टेफ महंगा या अनुपलब्ध होता है वहां इसके स्थान पर दूसरे अनाजों का प्रयोग किया जा सकता है, जो कभी-कभी इसके सामान्य स्वाद को खराब कर देता है।

इन्जेरा टेफ से बनाया जाता है, जो एक छोटा, गोल अनाज होता है और इथियोपिया के पहाड़ी मैदानों में पैदा होता है। टेफ बहुत ज्यादा पौष्टिक होता है क्योंकि इसमें बिल्कुल भी ग्लूटेन नहीं होता है। जो इसे फुले हुए ब्रेड के लिए अनुपयुक्त बनाता है, हालाँकि इन्जेरा फिर भी खमीर के विशेष गुणों का लाभ उठाता है। थोड़ी देर का किण्वन इसे हल्का, स्पंजी रूप देता है और साथ ही इसे थोड़ा खट्टा स्वाद भी प्रदान करता है।

टेफ दुनिया का सबसे छोटा अनाज होता है। लगभग 150 टेफ के बीज गेंहू के एक दाने के वजन के बराबर होते हैं!

टेफ इथियोपिया में पाया जाने वाला एक घास है। इसके बीज को अनाज की तरह पकाया जा सकता है या आटा बनाने के लिए पिसवाया भी जा सकता है। ग्लूटेनरहित टेफ का प्रयोग बेक की जाने वाली चीजों को बनाने के लिए गेंहू के आटे के विकल्प के रूप में किया जा सकता है। टेफ आइवरी, भूरे और गहरे लालिमायुक्त भूरे सहित कई रंगों में आता है। इसमें महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं और यह किसी भी आहार में सकारात्मक संयोजन बनता है।

टेफ अनाज बहुत छोटा होता है। दरअसल, इसके नाम का मतलब है “खोया हुआ,” जिसका अर्थ है कि यदि आप इसे ज़मीन पर गिरा देते हैं तो यह हमेशा के लिए खो जायेगा। इसे घर पर पीसना लगभग असंभव होता है इसलिए इसे पीसा हुआ ही खरीदना सबसे अच्छा रहता है। इसमें हल्की सी गुड़ जैसी मिठास होती है, जो बेक की जाने वाली चीजों के रूप और पौष्टिकता में वृद्धि कर सकती है। टेफ एक घास होता है, अनाज नहीं, और इसीलिए ये ग्लूटेनरहित होता है।

टेफ गेंहू से नौ गुना ज्यादा आयरन देता है और साबुत अनाजों से 5 गुना ज्यादा कैल्शियम और पोटैशियम प्रदान करता है। इसके आटे के ¼-कप सर्विंग में 113 कैलोरी होती है और केवल 1 ग्राम वसा होता है। टेफ प्रत्येक ¼ कप में 4 ग्राम फाइबर और कैल्शियम के लिए अनुशंसित आहार सीमा का 5 प्रतिशत और आयरन का 13 प्रतिशत प्रदान करता है।

इथियोपियन मसाले

हालाँकि, इथियोपियन व्यंजन कई विभिन्न हर्ब्स और मसालों से बनाया जाता है, लेकिन दो चीजें सबसे ज्यादा आवश्यक होती हैं और उन्हें बनाने में कुशल होना और उन्हें समझना जरुरी होता है। ये दो चीजें बेर्बेरे और नितर किब्बेह हैं। इनका प्रयोग सभी व्यंजनों में नहीं किया जाता है लेकिन फिर भी इन्हें कई व्यंजनों में पाया जाता है और ये इथियोपियन कुकिंग का एक प्रमुख अंग हैं।

नीचे इथियोपियन रेसिपी बनाने के लिए सबसे ज्यादा प्रयोग किये जाने वाले कुछ प्रमुख हर्ब्स और मसालों के बारे में बताया गया है।

बेर्बेरे – इसे मुख्याधार मिश्रण के बिना आप इथियोपियन कुकिंग में बहुत आगे नहीं जा पाएंगे। इसे हम इथियोपियन व्यंजन का “बिग डैडी” कह सकते हैं। गहरे लाल पैप्रिका रंग का बेर्बेरे कई मसालों का मिश्रण होता है और इसकी मुख्य सामग्री लाल मिर्च होती है।

इथियोपिया में इसे अक्सर घरों में ही तैयार किया जाता है और इसलिए सभी लोग इसे अपने तरीके से बनाते हैं और अपने ढंग से बनाये गए बेर्बेरे को सबसे अच्छा मानते हैं। इसकी प्रक्रिया लम्बी है, सबसे पहले बड़ी लाल मिर्च (जिसे बेर्बेरे भी कहते हैं) को सूखाकर कूटा जाता है। इसके बाद प्याज, लहसुन, अदरक, मेथी, काली मिर्च, जीरा, जायफल और दालचीनी का मिश्रण इसमें डाला जाता है और इसके बाद सम्पूर्ण मिक्सचर को बिल्कुल महीन पाउडर के रूप में पीसा जाता है। बेशक “माँ” के हाथों का बना हुआ बेर्बेरे हमेशा सबसे अच्छा होता है।

आमतौर पर, बेर्बेरे को ताज़े प्याज, लहसुन और अदरक से बनाया जाता है लेकिन आप सूखे पाउडर का भी प्रयोग कर सकते हैं, हालाँकि, दोनों का स्वाद एक जैसा नहीं होता है। लेकिन इसे आजमाएं और इसका मज़ा लें। यदि आप इसे वास्तव में बहुत अच्छा बनाना चाहते हैं तो हम आपको कुछ सामग्रियाँ सीधे इथियोपिया के स्त्रोत से खरीदने की सलाह देंगे। इथियोपियन बेर्बेरे में प्रयुक्त हर्ब्स और मसालों के बारे में कुछ जानकारी। जीरा। यह साधारण जीरे जैसा नहीं होता है जो इथियोपिया के बाहर दुकानों में मिलता है। दरअसल, यह इसके जैसा बिल्कुल नहीं है और रूप,महक या स्वाद में एकदम अलग है। ጥቁር አዝሙድ या टिकुर आज़मद। इंग्लिश में इसे सामान्यतः काले जीरे के रूप में रेफर किया जाता है, हालाँकि कुकिंग में मसाले के रूप में प्रयोग किये जाने वाले सामान्य जीरे से इसका कोई सम्बन्ध नहीं है। इसे काले बीज (निजेला सेटिवा) के नाम से भी जाना जाता है। काली इलायची। पुनः ये इथियोपिया के बाहर भारत में पायी जाने वाली काली इलायची से बिल्कुल अलग होते हैं। ये बहुत ज्यादा बड़े होते हैं और इनमें कई बीज होते हैं जिनमें यूकेलिप्टस की सुगंध होती है। कोरेरिमा या कोररिमा (अफरामोमम कोर्रोरीमा) इथियोपियन कुकिंग का एक महत्वपूर्ण अंग है और हालाँकि, आप भारतीय कुकिंग में प्रयोग होने वाली छोटी काली इलायची पा सकते हैं, लेकिन उनमें वैसा स्वाद नहीं होता है। हरी इलायची का प्रयोग आपके बेर्बेरे के लिए 100% अनुपयोगी है, ये बिल्कुल अलग होते हैं, उनका प्रयोग करने का कोई मतलब नहीं है। इसलिए मुख्य बात यह है कि यदि आपके पास सभी सही सामग्रियाँ उपलब्ध हैं तो भी बिल्कुल ठीक प्रकार से इथियोपियन बेर्बेरे बनाना बेहद कठिन है। अब इसे खुद को रोकने मत दीजिये और अपना खुद का बेर्बेरे बनाइये, लेकिन यदि आप वही वास्तविक इथियोपियन स्वाद चाहते हैं तो इसके लिए बहुत सारे अभ्यास की जरुरत होती है और जैसा कि आप जानते हैं, माँ का बेर्बेरे हमारे ओवरटाइम को खत्म कर देता है। आप हमारी वेबसाइट पर रेसिपी पेज और वीडियो सेक्शन दोनों में कई रेसिपी पा सकते हैं। कृपया हमें बताएं कि आपको ये कैसे लगे!

नितर किब्बेह (Nit’ir Qibe) भारत में मिलने वाले घी की तरह एक मसालेदार शुद्ध मक्खन होता है, लेकिन इसमें मसाले मिले होते हैं। ये हर घर में अलग-अलग तरीके से बनाये जाते हैं। यह मसाले से भरपूर मक्खन होता जो कई इथियोपियन व्यंजनों में बेहतरीक स्वाद डाल देता है।

यदि बेर्बेरे इथियोपियन मसालों का “बिग डैडी” है तो मीतमीता को “हैवीवेट” कहा जायेगा।

निश्चित रूप से यह बेहतरीन मिश्रण मसालेदार खाने के शौकीनों के लिए बहुत मजेदार होता है। बेर्बेरे की तरह मीतमैता भी अक्सर घरों में ही बनाया जाता है और इसका स्वाद हर घर में अलग हो सकता है।

मीतमीता (Amharic: ሚጥሚጣ?, IPA: [mitʼmitʼa]) इथियोपियन व्यंजन में प्रयोग किये जाने वाले पीसे हुए मसालों का एक मिश्रण होता है। यह नारंगी-लाल रंग का होता है और इसमें पीसी हुई अफ्रीकी बर्ड्सआई मिर्च, इलायची के बीज, लौंग और नमक मिला होता है। कभी कभी इसमें दालचीनी, जीरा और अदरक सहित अन्य मसाले भी डाले जाते हैं। इस मिश्रण को कच्चे बीफ डिश पर छिड़कने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसके अतिरिक्त, मीतमीता को चटनी के रूप में पेश किया जा सकता है और अन्य खाद्य पदार्थों पर भी छिड़का जा सकता है।

शिरो – शिरो एक प्रकार की करी है, जिसकी प्रमुख सामग्री चने का पाउडर या बाकला होती है। (शिम्ब्रा) इसे छोटे टुकड़ों में कटे हुए प्याज, लहसुन और क्षेत्रीय विविधता के आधार पर पीसे हुए अदरक या कटे हुए टमाटर और मिर्च के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है। शिरो को इन्जेरा या कित्चा (बिना चीनी का पैनकेक जैसा ब्रेड) के ऊपर डालकर परोसा जाता है। हालाँकि, इसे टैटा के टुकड़ों के साथ पकाकर, चम्मच से भी खाया जा सकता है, जिसे शिरो फिट-फिट कहते हैं। शिरो इथियोपियन व्यंजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। रोज़ा, रमज़ान, और अन्य व्रत के मौसमों सहित विशेष अवसरों के दौरान यह एक पसंदीदा व्यंजन होता है। यह एक शाकाहारी भोजन है, लेकिन नित्रे किब्बे (मसालेदार,शुद्ध मक्खन) या मांस के साथ इसकी कई किस्में तैयार की जा सकती हैं (इस स्थिति में इसे बोज़ना शिरो कहते हैं)। मिटेन शिरो, शिरो पाउडर और पहले से मिश्रित मसालों का मिश्रण होता है।

कोररिमा या कोरेरिमा – इथियोपियन कुकिंग के लिए ऑनलाइन देखे जाने वाले कई व्यंजनों में इलायची के प्रयोग के बारे में बताया जाता है। बेशक, यह सही है लेकिन ये इलायची बिल्कुल अलग होती हैं। इथियोपियन व्यंजन में, इलायची को कोररिमा, कोरेरिमा, फाल्स इलायची और इथियोपियन इलायची कहते हैं, जिसका स्वाद, सुगंध और आकार इसके छोटे काले और हरे रूप से बहुत ज्यादा अलग होता है। भारतीय (एशियाई) कुकिंग में प्रयोग की जाने वाली छोटी काली इलायची का रूप थोड़ा-बहुत इससे मिलता है और यह हरे इलायची की तुलना में स्वाद में काफी करीब होता है। पहाड़ी इलायची, बंगाल इलायची, बड़ी इलायची, भारतीय इलायची, नेपाल इलायची, पंखदार इलायची या भूरी इलायची के रूप में पहचानी जाने वाली इलायची का आकार इथियोपिया में प्रयोग होने वाली इलायची का लगभग का 8वां हिस्सा होता है। ज्यादा प्रचलित हरी इलायची अपने काले रूप से भी काफी छोटी होती है और स्वाद में ज्यादा बड़े इथियोपियन किस्म के आसपास भी नहीं पहुँचती है। अफरामोमम कोर्रोरीमा या जिसे हम कोरेरिमा कहते हैं, बेर्बेरे, मितमिता, निते किब्बेह या नित्रे कीबे (मसालेदार मक्खन) में साथ ही कभी-कभी कॉफ़ी में और हर्बल दवा के रूप में प्रयोग किये जाने सहित कई प्रकार से इथियोपियन व्यंजन में प्रयोग की जाती है। इथियोपियन कुकिंग में कोरेरिमा के महत्व को झुठलाया नहीं जा सकता है। मुख्य बात यह है कि कोई भी इथियोपियन भोजन बनाते समय, हरी इलायची से दूर रहें, यदि आपको कोरेरिमा नहीं मिल सकता तो छोटी काली इलायची का प्रयोग करें, लेकिन यदि आपको वास्तविक इथियोपियन इलायची मिल सकती है तो आप अपने इथियोपियन भोजन को वैसा ही स्वाद से सकते हैं जैसा इसे होना चाहिए।

बेसो बेला – यह एक बेहद कोमल हर्ब होता है जिसे धूप में सूखाकर, पाउडर के रूप में पीसा जाता है। इसमें बैंगनी रंग के फूल होते हैं और अच्छी सुगंध होती है। इसे पवित्र तुलसी के रूप में भी जाना जाता है, कई इथियोपियन व्यंजनों के लिए इस हर्ब का प्रयोग बहुत आवश्यक होता है। इसे वैसे ही प्रयोग करें जैसे आप साधारण तुलसी और अजवायन जैसे हर्ब का प्रयोग करते हैं। BBQ मीट, चिकन या मछली में रगड़ने के लिए और रागु या टमाटर से बनाये जाने वाले सॉस में प्रयोग करने के लिए यह बेहद अच्छा होता है। इथियोपियन कुकिंग में इसकी उपयोगिता बहुत व्यापक है और इसे इथियोपियन मसालेदार मक्खन कीबे (kibbbeh, qiibe), शिरो, बेर्बेरे और कई अन्य व्यंजनों में पाया जा सकता है। इथियोपिया के बाहर पायी जाने वाली साधारण तुलसी एक इतालवी किस्म का स्वाद देती है, जिसका अर्थ है कि इसे विकल्प के रूप में नहीं प्रयोग किया जा सकता है।

कोसेरेट या लिपिया, जवनिका वेर्बेना फैमिली का सदस्य है। अभी लिपिया के लगभग 200 प्रकार मौजूद हैं और मैं निश्चित नहीं हूँ कि उनमें से सभी इथियोपिया के बाहर पाये जाते हैं। इथियोपियन किस्म में एक हल्का सा हर्ब जैसा स्वाद होता है, जो थोड़ा-बहुत अजवायन से मिलता है लेकिन इसमें ज्यादा तीखा फ्लोरल स्वाद होता है। इसका प्रयोग बेसोबेला के समान होता है, जिसे सूखे हर्ब के रूप में भोजन या सॉस में छिड़कने के लिए प्रयोग किया जा सकता है। इथियोपियन कुकिंग में इसका व्यापक प्रयोग होता है और कीबे (इथियोपियन मसालेदार मक्खन) सहित कई व्यंजनों के लिए यह बेहद जरुरी होता है।

मेकेलेशा या किमेन वॉट 7 मसालों का मिश्रण होता है – कोरेरिमा – लौंग – दालचीनी – साबुत काली मिर्च – जीरा– जायफल – तिमीज़ / भारतीय लंबी मिर्च

आवाज़े एक प्रचलित चिली सॉस मिश्रण होता है जिसे कई तरीके से बनाया जाता है। इसका एक बेसिक या सामान्य रूप नित्रे किब्बेह, बेर्बेरे, नींबू, अदरक या लहसुन है और अल्कोहल के कुछ रूप जैसे तेज, जिन या वाइन भी हो सकते हैं। इस सॉस को साइड डीप की तरह प्रयोग किया जा सकता है या पकाने के लिए प्रयोग किया जा सकता है, जैसे आवाज़े टिब्स।

ब्रेड – इथियोपियन भोजन में केवल इन्जेरा ही नहीं होता है, इन अन्य प्रकार के ब्रेड्स पर एक नज़र डालिये।
इसमें शामिल हैं: अम्बशा, डोरो दाबो, मल मल, हिबिस्ट और अनबबेरो।

हिबिस्ट स्टीम किया हुआ हल्का इथोपियन ब्रेड है, जो किसी भी भोजन के साथ स्वादिष्ट लगता है। इसे चाय या स्ट्यू के साथ परोसा जाता है।

मलमल एक पारंपरिक दिखने वाला ब्रेड या दाबो, एक लम्बा लोफ होता है।

डोरो दाबो का अर्थ है चिकन ब्रेड जो बेहद स्वादिष्ट होता है, इसके पकाने में ज्यादा समय लगता है लेकिन इसका परिणाम बहुत स्वादिष्ट मिलता है।

प्याज ब्रेड डोर दाब की तरह से ही तैयार किया जाता है, इसका मतलब है कि बेर्बेरे वॉट सॉस बनाकर, इसे ब्रेड के मिक्सचर में मिलाया जाता है।

अम्बशा एक चिपटा पिज़्ज़ा ब्रेड जैसा ब्रेड होता है जिसमें पारंपरिक लाइन बने होते हैं और इसे अक्सर थोड़े से संतरे के जूस के साथ बनाया जाता है।

अनबबेरो। एक प्रकार का इन्जेरा पाई होता है: बेर्बेरे के साथ मिलाये गए नितर कीबे को एक इन्जेरा के ऊपर लगाएं, इसके ऊपर दूसरा इन्जेरा लगाएं, इसपर दोबारा यह मिश्रण लगाएं, और इसके बाद इसके ऊपर एक और इन्जेरा रखें (या यदि आप चाहें तो छोटा इन्जेरा भी रख सकते हैं)। एक पूर्ण अनबबेरो नरम और कीबे और बेर्बेरे के कारण लाल होता है – जो एक भारी, मसालेदार, सुबह का भरपूर भोजन है। आप गेंहू के आटे से पिज़्ज़ा के आकार के पैन का प्रयोग करके बड़ा गोल इन्जेरा बनाकर शुरुआत से भी अनबबेरो बना सकते हैं जिसपर आप पैनकेक जैसा मिश्रण लगाकर ओवन में बेक कर सकते हैं।

अन्य प्रकार के ब्रेड में साधारण या केले के पत्तों पर बेक किया हुआ किता शामिल होता है।

शुद्ध शाकाहारी भोजन

इथियोपियन कुकिंग में मीट का बहुत ज्यादा प्रयोग किया जाता है — लेकिन इस पूर्वी अफ्रीकी देश के व्यंजनों में ऐसे कई बेहद स्वादिष्ट और संतोषजनक भोजन भी शामिल हैं जो शाकाहारी, वेगन और ग्लूटेनरहित और लैक्टोसरहित खाने वालों के लिए सर्वोत्तम होते हैं।

इथियोपियन भोजन को सबसे ज्यादा स्पंजी खमीरयुक्त परांठे, इन्जेरा के लिए जाना जाता है, जिसे दाल, फली, मीट और वेजिटेबल सॉस के ऊपर डालकर “चम्मच” के रूप में परोसा जाता है। इतने अधिक आहारों के लिए इथियोपियन भोजन को जो चीज सबसे अधिक उपयुक्त बनाती है वह यह कि इसमें हमेशा “व्रत” (या मांस-रहित) के विकल्प शामिल होते हैं: कई इथियोपियन रूढ़िवादी ईसाई होते हैं और पारंपरिक रूप से बुधवार और शुक्रवार, साथ ही साथ अन्य विशेष दिनों पर शुद्ध शाकाहारी भोजन करते हैं।

इथियोपिया का भोजन अपने पड़ोसी और प्रतिद्वंद्वी इरीट्रिया (जो 1991 तक इथियोपिया का ही एक हिस्सा था) के व्यंजनों से काफी मिलता है। इस देश की पाकशैली पर सूडान (जहाँ खमीरयुक्त ब्रेड को केसरा कहते हैं) जैसे पड़ोसी देशों का भी प्रभाव दिखाई पड़ता है, और 1900 के मध्य में इटली के आंशिक औपनिवेशिक शासन का भी गहरा प्रभाव दिखाई देता है।

शिरो चने के पाउडर (जिसमें कभी-कभी दाल और बाकला भी डाला जाता है) से बनाया गया एक स्वादिष्ट व्यंजन होता है, जिसे इथियोपिया के लोकप्रिय — और मसालेदार — लाल बेर्बेरे सॉस के साथ धीरे-धीरे पकाया जाता है। सूप जैसे पतले शिरो वॉट से लेकर गाढ़े और ग्लोब जैसे (लेकिन नरम) शिरो टेगामिनो तक कई प्रकार के शिरो उपलब्ध होते हैं। अत्कील्ट वॉट पत्तागोभी, गाजर और आलू को पतले सॉस में पकाकर बनाया गया स्वादिष्ट वेजिटेबल कॉम्बो होता है।

अज़ीफा मूंग की दाल का सलाद होता है जो अकेले या इन्जेरा के साथ मिलाकर बहुत स्वादिष्ट लगता है। गोमेन हरे कोलार्ड और मसालों को मिलाकर बनाया गया स्वादिष्ट व्यंजन होता है। इंगुदे टिब्स प्याज के साथ पकाया गया मशरूम होता है। इथियोपियन कुकिंग में, टिब्स व्यंजनों में आमतौर पर मीट डाला जाता है लेकिन इसे मशरुम के साथ शाकाहारी ढंग से भी बनाया जा सकता है।

मेसिर वॉट मसालेदार बेर्बेरे सॉस में पकाये गए मसूर का स्वादिष्ट (और सुन्दर रंग का) मिश्रण होता है। फसोलिया स्ट्रिंग बीन्स होते हैं जिन्हें अक्सर गाजर और कैरमलाइज़्ड प्याज के साथ पकाया जाता है।

किक अलीचा मटर की दाल को हल्के हल्दी सॉस के साथ पकाकर बनाया जाने वाला करी डिश होता है। सही मसालों और दाल एवं सॉस के गाढ़ेपन के आधार पर अलीचा डिश (जिन्हें इंग्लिश में कई प्रकार से बोला जाते है) कई प्रकार के होते हैं। इथियोपियन चुकंदर का सलाद मैरिनेट किये गए चुकंदर, मसाले और कभी-कभार आलू और गाजरों एक स्वादिष्ट संयोजन होता है।

चेचेब्सा को किता फीरफीर (किता फिटफिट भी कहते हैं) भी कहते हैं, जिसे आमतौर पर नाश्ते में खाया जाता है और यह ऐसे बहुत कम इथियोपियन व्यंजनों में से एक है जिसे चम्मच से खाया जाता है। चेचेब्सा को हल्के तले हुए इन्जेरा या बेर्बेरे सॉस में पकाये गए दूसरे ब्रेड्स से बनाया जाता है और इसे प्रायः शहद के साथ परोसा जाता है। दायीं तरफ इसे अंडों के साथ दिखाया गया है, जिसे शाकाहारी बनाने के लिए प्रतिस्थापित किया जा सकता है।

मीट – इथियोपियन कुकिंग में ताज़ा मीट बहुत ज्यादा पाया जाता है। बीफ, भेड़, बकरी और चिकन बहुत ज्यादा लोकप्रिय मीट के डिश हैं। जबकि सूअर का मांस पाना बहुत कठिन होता है, क्योंकि यहाँ की जनसंख्या में ज्यादातर रूढ़िवादी ईसाई और मुस्लिम समुदाय के लोग हैं।

डोरो वॉट (वेट या वॉट) सभी इथियोपियन व्यंजनों में संभवतः सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है। आमतौर पर, वॉट का मतलब होता है मसालेदार और अलीचा का मतलब होता है हल्का तीखा लेकिन सभी मामलों में ऐसा नहीं होता है। टिब्स शब्द का मतलब होता है “तलना”।
कित्फ़ो और गोरेड गोरेड बीफ से बने हुए व्यंजन होते हैं जिन्हें कच्चा या बिल्कुल कम पकाकर परोसा जाता है।

कित्फ़ो ክትፎ जिसे कभी-कभी केत्फ़ो भी कहते हैं, इथियोपियन व्यंजन में पाया जाने वाला पारंपरिक डिश है। कित्फ़ो में मीतमीता (मिर्च पाउडर से बने हुए मसाले का मिश्रण) और नितर किब्बेह (हर्ब्स और मसालों को मिलाकर बनाया गया शुद्ध मक्खन) से मैरिनेट किया गया कटा हुआ कच्चा बीफ होता है। यह शब्द इथिओ-सैमिटिक स्त्रोत k-t-f से आता है जिसका मतलब है “छोटा टुकड़े करना; काटना।”

कम पके हुए कित्फ़ो को कित्फ़ो लेब लेब के नाम से जाना जाता है। सामान्यतः, कित्फ़ो को एक प्रकार के नरम चीज़ जिसे अईबे कहते हैं या गोमेन नामक पकी हुए हरी सब्जी के साथ परोसा जाता है — या कभी-कभी मिलाकर — परोसा जाता है। इथियोपिया के कई हिस्सों में कित्फ़ो को इन्जेरा के साथ परोसा जाता है, जो टेफ से बनाया गया परांठा होता है, हालाँकि पारंपरिक गुरागे व्यंजन में, एनसेटे पौधे से बनाये गए मोटे ब्रेड, कोचों का प्रयोग किया जाता है। कित्फ़ो को केवल एक साधारण व्यंजन नहीं समझा जाता है बल्कि इसे इथियोपियन व्यंजनों में ऊँचा दर्ज़ा दिया गया है। अफ्रीका का स्टेक टारटारे।

गोरेड गोरेड इथियोपिया और इरीट्रिया में खाया जाने वाला कच्चा बीफ डिश होता है। कित्फ़ो में बीफ को मसालों और शुद्ध मक्खन के साथ मैरिनेट किया जाता है जबकि गोरेड गोरेड को चौकोर काटकर मैरिनेट नहीं किया जाता है। कित्फ़ो की तरह ही यह बेहद लोकप्रिय है और इसे राष्ट्रिय व्यंजन माना जाता है।

वॉट, we̠t’, wot ወጥ एक इथियोपियन स्ट्यू या करी है जिसे चिकन, बीफ, भेड़ के मांस, विविध प्रकार की सब्जियों, मसालों के मिक्सचर जैसे बेर्बेरे, और मसालेदार शुद्ध मक्खन नितर किब्बेह के साथ तैयार किया जाता है। कई ऐसी विशेषतायें हैं जो वॉट को अन्य संस्कृतियों की करी से अलग करती हैं। शायद सबसे ज्यादा स्पष्ट विशेषता है इसकी असाधारण कुकिंग तकनीक: वॉट बनाने के लिए कटे हुए प्याज को बिना तेल या घी के सुखी हुई कढ़ाई या बर्तन में तब तक धीरे-धीरे पकाया जाता है जब तक इसकी नमी नहीं चली जाती है। इसके बाद वसा (आमतौर पर नितर किब्बेह) डाला जाता है, जिसे अक्सर इतनी मात्रा में डाला जाता है कि आधुनिक पश्चिमी स्टैंडर्ड के अनुसार यह अत्यधिक लग सकता है, और प्याज और अन्य सुगंधों को दूसरी सामग्रियाँ डालने से पहले भुना जाता है। इस विधि से प्याज टूट जाता है और करी गाढ़ी बनती है।

दुलेट अलग-अलग मात्राओं में लिवर किडनी और आंत का संयोजन होता है।

बढ़िया इथियोपियन भोजन कैसे पकाएं
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